Singer: Mohammad Rafi Music: Shankar-Jaikishan Lyrics: Hasrat Jaipuri
Yakeen (1969)
( गर तुम भुला न दोगे
सपने ये सच ही होंगे
हम-तुम जुदा न होंगे
हम-तुम जुदा न होंगे ) -२
मालिक ने अपने हाथों
जिस दम हमें बनाया
डाली दिलों में धड़कन
और दिल से दिल मिलाया
फिर प्यार का फ़रिश्ता
दुनिया में ले के आया
गर तुम भुला न दोगे
सपने ये सच ही होंगे
हम-तुम जुदा न होंगे – २
पत्थर की हैं लकीरें
अहदे वफ़ा हमारे
हरगिज़ न मिट सकेंगे
नामों निशाँ हमारे
चाहत की मंजिलों पर
हर सांस ये पुकारे
( गर तुम भुला न दोगे
सपने ये सच ही होंगे
हम-तुम जुदा न होंगे
हम-तुम जुदा न होंगे ) -२
जीवन के हर सफ़र में
हम साथ ही रहेंगे
दुनिया की हर डगर पर
हम साथ ही चलेंगे
हम साथ ही जियेंगे
हम साथ ही मरेंगे
( गर तुम भुला न दोगे
सपने ये सच ही होंगे
हम-तुम जुदा न होंगे
हम-तुम जुदा न होंगे ) -२
नाना नान्न्ना – २
जज़्बह आ ..
कांटे रहने दे, गुलाब तोड़ ले
नींदों की टहनियों से, ख्वाब तोड़ ले
हो ….
कांटे रहने दे, गुलाब तोड़ ले
नींदों की टहनियों से ख्वाब तोड़ ले
ख्वाहिशों की हैं, कहानियां पढ़ी
चुन ले कहानियां, किताब जोड़ ले
फीकी है ज़िन्दगी तो यारा
पढ़ ले दिल का ईशारा
सारा बदल दे नज़ारा
( जो गाले तू जो गाले जज़्बह होय
जो गाले तू जो गाले जज़्बह ) – २
जज़्बह जज़्बह
नाना नान्न्ना – 2
जज़्बह जज़्बह
ज़रा सा ज़रा सा जो गाले जज़्बह – २
थप थपा तू ज़रा
लेके इरादों की तू,छकियाँ छुड़ा ले
दबदबा है तेरा
राहों की मुश्किलों दे,कुश्तियां लड़ा ले
जो होगा सो होगा,होने दे ना घबराना
तू अपनी कोशिश में,कंजूशी ना कर जाना
किस्मत की लहरों पे यारा
ले के निकल तू शिखारा
चमकेगा तेरा भी सितारा
( जो गाले तू जो गाले जज़्बह होय
जो गाले तू जो गाले जज़्बह ) – २
जज़्बह जज़्बह
नाना नान्न्ना – २
मैं वारी जावां – २
सठोया की हो एक सुर रे
मैं वारी जावां - २
दिल तो होया मजबूर
मैं वारी जावां - २
छूलिया तूने लब से आँखों को
मन्नते पूरी तुमसे ही
मैं बारी जावां
तू मिले जहाँ मेरा जहाँ है वहां
रौनके सारी तुमसे ही
छूलिया तूने लब से आँखों को
मन्नते पूरी तुमसे ही
तुम मिले जहाँ मेरा जहाँ है वहां
रौनके सारी तुम से ही
( पिया ओ रे पिया …
पिया रे पिया रे पिया ….) – २
इन दूरियों ने नजदीकि यों से
सौदा कोई कर लिया
हो..ओ..ओ..
छुपके निगाहों ने दिल से इसक की का
वादा कोई कर लिया
मैं वारी जावां – २
सठोया की हो एक सुर रे
सोचा तारों से भर के ये दामन
ले चल मुझे कहीं दूर …
पिया ओ रे पिया ….
पिया रे पिया रे पिया ….
कोई कमी सी थी जीने में
जाना यह हमने कहाँ
ऐसे मिले हो जैसे हम पे
हो महरबान ये खुदा
मैं वारी जावां – २
सठोया की हो एक सुर रे
रब दी मरज़ी है अपना यह मिलना
बरसा है हम पे उसका नूर
पिया ओ रे पिया …
पिया रे पिया रे पिया ….
साजन तुम से प्यार की लड़ाई में - २
टूट गई चूड़ियाँ कलाई में, कलाई में
टूट गई चूड़ियाँ कलाई में - २
जानम तुमसे प्यार की लडाई में - २
जागा मै अकेला रजाई में, रजाई में
जागा मै अकेला रजाई में – २
पल पल हर पल तेरी लगन
तेरी अदाएं ले गई मन
गौरे गौरे हाथों पे महंदी का रंग
उस पे ये शरमाने का ढंग - २
हाँ मै शरमाई प्यार की लडाई में
टूट गई चूड़ियाँ कलाई में, कलाई में
टूट गई चूड़ियाँ कलाई में - २
बेचैनी तडपाती रही
चांदनी दिल धडकाती रही
सीने पे बिजली सी चली
करवट लेके रात ढली -२
निंदिया ना आई प्यार की लडाई
में जागा मै अकेला रजाई में, रजाई में
जागा मै अकेला रजाई में - २
जानम तुम से प्यार की लडाई में
जागा मै अकेला रजाई में, रजाई में
जागा मै अकेला रजाई में – २
क्यूँ रातों को मै अब चैन से सो ना सकूँ
ओ ओ ओ
क्यूँ आता नहीं मुझे दिन में भी चैन जो सो सकूँ
ओ ओ
क्यूँ ऐसा होता है मै खुद से ही बातें करूँ
ओ ओ ओ
क्यूँ तू जो बोले कोई सुने ना, वो मै ही सुनु
दिल ये बेक़रार क्यूँ है
इस पे धुन सवार क्यूँ है
क्यूँ है ये खुमार क्यूँ है
तू बता
तेरा इंतजार क्यूँ है
तुझ पे ऐतबार क्यूँ है
क्यूँ है ये खुमार क्यूँ है
तू बता, तू बता
यह प्यार है
जो तुझे हो गया है
ना जाने क्यूँ तू
इससे था बेखबर
जो आजकल यह तुझे
हो रहा है
नहीं और कुछ
प्यार का है ये असर
दिल यह बेक़रार क्यूँ है
इसपे धुन सवार क्यूँ है
क्यूँ है ये खुमार क्यूँ है
तू बता
तेरा इंतजार क्यूँ है
तुझ पे ऐतबार क्यूँ है
क्यूँ है ये खुमार क्यूँ है
तू बता, तू बता
Singers: Asha Bhosle, Mohammad Rafi Music: Ravi, Lyrics: Rajinder Krishan
Yeh Raste Hain Pyar Ke (1963)
रफ़ी: ये ख़ामोशियाँ, ये तनहाइयाँ
मोहब्बत की दुनिया है कितनी जवाँ
आशा: ये ख़ामोशियाँ, ये तनहाइयाँ
मोहब्बत की दुनिया है कितनी जवाँ
दोनों: ये ख़ामोशियाँ, ये तनहाइयाँ
आशा: आ आऽऽऽ आऽ आऽऽ आऽ
आशा: ओ हो हो
रफ़ी: आ हा
आशा: आ आ आ आ आ आ
रफी: आ हा हा
आशा: ओ हो
रफ़ी: ओ हो हो हो हो हो
आशा: ( ये सर्दी का मौसम, बदन काँपे थर थर ) -२
रफ़ी: ये हैं बर्फ़ के ढेर, या संग-मरमर
दोनों: बना लें ना क्यूँ, अपनी जन्नत यहाँ
रफ़ी: ये ख़ामोशियाँ, ये तनहाइयाँ
मोहब्बत की दुनिया है कितनी जवाँ
दोनों: ये ख़ामोशियाँ, ये तनहाइयाँ
रफ़ी : ये ऊँचे पहाड़ों के, मगरूर साये
आशा: ( ये कहते हैं उनको, नज़र तो मिलायें ) -२
दोनों : फ़रिश्ते भी हैं, इस जगह बे जुबाँ
आशा : ये ख़ामोशियाँ, ये तनहाइयाँ
मोहब्बत की दुनिया है कितनी जवाँ
दोनों : ये ख़ामोशियाँ, ये तनहाइयाँ
रफ़ी: ना पर्दा है कोई, ना है कोई चिलमन
आशा: ( जहाँ पांव रख दें, है फिसलन ही फिसलन ) -२
दोनों: कदम छोड़ते जा रहें हैं निशाँ
रफ़ी: ये खामोशियाँ, ये तनहाइयाँ
मोहब्बत की दुनिया है कितनी जवाँ
दोनों: ये खामोशियाँ, ये तनहाइयाँ
अलफ़ाज़ संग-मरमर – (Greek) Marble Stone चिलमन – (Hindi) screen, venetian blind ख़ामोशियाँ – silence in sadness तनहाइयाँ – Loneliness
Singer: Mahendra Kapoor Music: O P Nayyar Lyrics: Kaifi Azmi
Baharein Phir Bhi Aayengi (1966)
( बदल जाये अगर माली
चमन होता नहीं ख़्हाली
बहारें फिर भी आती हैं
बहारें फिर भी आयेंगी ) - २
बदल जाये अगर माली
चमन होता नहीं ख़्हाली
( थकन कैसी घुटन कैसी
चल अपनी धुन में दीवाने ) २
( खिला ले फूल काँटों में
सजा ले अपने वीराने ) २
हवाएं आग भड़काएं
फ़िज़ाएं ज़हर बरसाएं
बहारें फिर भी आती हैं
बहारें फिर भी आयेंगी
बदल जाये अगर माली
चमन होता नहीं ख़्हाली
( अंधेरे क्या उजाले क्या
ना ये अपने ना वो अपने ) २
( तेरे काम आयेंगे प्यारे
तेरे अरमां तेरे सपने ) २
ज़माना तुझसे हो बरहम
ना आये राह पर मौसम
बहारें फिर भी आती हैं
बहारें फिर भी आयेंगी
बदल जाये अगर माली
चमन होता नहीं ख़्हाली
बहारें फिर भी आती हैं
बहारें फिर भी आयेंगी
बदल जाये अगर माली
चमन होता नहीं ख़्हाली
अलफ़ाज़ चमन (Persian) – flower garden बहार (Persian) – spring, bloom, beauty, delight नौबहार (Persian) – early spring